नैनीताललोक सभा चुनाव का परिणाम, 1991
बलराज पासी (BJP) ने 1991 के लोक सभा चुनाव में 34.4% वोट पाकर नैनीताल सीट जीती और नारायण दत्त तिवारी (INC) को 11,429 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
19 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बलराज पासी | 1,67,50934.4% | |
| 2 | नारायण दत्त तिवारी | 1,56,08032.0% | |
| 3 | महेन्द्र सिंह पाल | 81,93616.8% | |
| 4 | झाग उर्फ़ भाग सिंह | 34,7077.1% | |
| 5 | भारत भूषण JP | JP | 14,5073.0% |
| 6 | पूरन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7,0051.4% |
| 7 | विजय पाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,7380.8% |
| 8 | कंचन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,3390.7% |
| 9 | अवतार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3510.5% |
| 10 | किशन पन्त निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2980.5% |
| 11 | कुलदीप सिंह संधू निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1770.5% |
| 12 | रणवीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9180.4% |
| 13 | रणवीर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6710.3% |
| 14 | तेजा सिंह | 1,5740.3% | |
| 15 | उमेश चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5480.3% |
| 16 | सुरेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3720.3% |
| 17 | बरित चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2070.3% |
| 18 | जनक राज निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1040.2% |
| 19 | मुशीर अहमदलारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0950.2% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 83% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.91 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1962–1999
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1962 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1962 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 52.9% से घटकर 52.1% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट AIIC(T) ने जीती।
- 1962कृष्ण चन्द्र पन्त उर्फ़ राजा (INC), जीत का अंतर 28.0%
- 1967के. सी. पन्त (INC), जीत का अंतर 14.8%
- 1971कृष्ण चन्द्र पन्त (INC), जीत का अंतर 43.2%
- 1977भारत भूषण (JNP), जीत का अंतर 26.6%
- 1980नारायण दत्त तिवारी (INC(I)), जीत का अंतर 32.4%
- 1984सतेन्द्र चन्द्र (INC), जीत का अंतर 39.1%
- 1989महेन्द्र सिंह पाल (JD), जीत का अंतर 4.3%
- 1991बलराज पासी (BJP), जीत का अंतर 2.3%
- 1996नारायण दत्त तिवारी (AIIC(T)), जीत का अंतर 20.2%
- 1998इला पन्त (BJP), जीत का अंतर 2.0%
- 1999नारायण दत्त तिवारी (INC), जीत का अंतर 14.2%