नैनीताललोक सभा चुनाव का परिणाम, 1980
नारायण दत्त तिवारी (INC(I)) ने 1980 के लोक सभा चुनाव में 50.6% वोट पाकर नैनीताल सीट जीती और भारत भूषण (JNP) को 1,04,422 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नारायण दत्त तिवारी | 1,63,11750.6% | |
| 2 | भारत भूषण | 58,69518.2% | |
| 3 | प्रताप सिंह उर्फ़ प्रताप भैया JNP(S) | JNP(S) | 49,50615.3% |
| 4 | डूगर सिंह | 19,9736.2% | |
| 5 | राम किशोर निर्दलीय | निर्दलीय | 12,7614.0% |
| 6 | राज कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 5,4231.7% |
| 7 | दौलत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4,1481.3% |
| 8 | दिलशाद हुसैन निर्दलीय | निर्दलीय | 3,5651.1% |
| 9 | कल्लू शाह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5650.8% |
| 10 | सय्यद इमदाद हुसैन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5080.5% |
| 11 | एम.सी. पन्त निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2160.4% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.14 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1962–1984
INC(I) ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1962 से शुरू होता है, यह INC(I) की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1977 के 60.5% से घटकर 51.7% रह गया। इसके बाद 1984 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।