बंबई दक्षिण मध्यलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1991
मोहन रावले (SHS) ने 1991 के लोक सभा चुनाव में 35.6% वोट पाकर बंबई दक्षिण मध्य सीट जीती और दादासाहेब रूपवते (INC) को 4,402 वोटों से हराया।
1991 के नक्शे पर इस सीट की रूपरेखा अनुमानित है: इसे आज की विधान सभा सीटों से, उन्हें उसी तरह जोड़कर दोबारा बनाया गया है जैसे 1976 का परिसीमन आदेश जोड़ता है। वडाला, माहिम, वर्ली, भायखला और मुंबादेवी के हिस्से पड़ोसी सीटों के साथ बँटे हैं; बँटवारे की रेखाएँ आदेश में दिए इलाक़ों के नामों से अनुमानित हैं, क्योंकि 1970 के दशक के वार्डों का कोई नक्शा नहीं मिला।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मोहन रावले | 1,21,95135.6% | |
| 2 | दादासाहेब रूपवते | 1,17,54934.4% | |
| 3 | दत्ता सामन्त निर्दलीय | निर्दलीय | 98,50828.8% |
| 4 | ढसाल नामदेव लक्ष्मण DPP | DPP | 1,2710.4% |
| 5 | वसंत परब | 6900.2% | |
| 6 | मारुती दगडू गलफडे | 6030.2% | |
| 7 | बटेश्वर नाथ मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 5830.2% |
| 8 | शेख मोहम्मद हनीफ चाँदमिया निर्दलीय | निर्दलीय | 4370.1% |
| 9 | निखिल देसाई निर्दलीय | निर्दलीय | 2790.1% |
| 10 | गोपाल कृष्ण गोंड निर्दलीय | निर्दलीय | 1690.1% |
| 11 | अंसारी मुहम्मद अली बागवाला निर्दलीय | निर्दलीय | 1130.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.05 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1967–1999
SHS ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1967 से शुरू होता है, यह SHS की पहली जीत थी। 1967 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 55.8% से घटकर 42.0% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी SHS ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1967एस. ए. डांगे (CPI), जीत का अंतर 2.1%
- 1971कादर अब्दुल सलेडबनोय (INC), जीत का अंतर 27.0%
- 1977कांबले बापू चंद्रसेन (JNP), जीत का अंतर 14.1%
- 1980भोले आर. आर. (INC(I)), जीत का अंतर 7.4%
- 1984दत्ता सामन्त (IND), जीत का अंतर 18.9%
- 1989वामनराव महाडिक (IND), जीत का अंतर 2.4%
- 1991मोहन रावले (SHS), जीत का अंतर 1.3%
- 1996मोहन विष्णु रावले (SHS), जीत का अंतर 16.0%
- 1998मोहन विष्णु रावले (SHS), जीत का अंतर 0.0%
- 1999मोहन विष्णु रावले (SHS), जीत का अंतर 21.5%