बंबई दक्षिण मध्यलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1980
भोले आर. आर. (INC(I)) ने 1980 के लोक सभा चुनाव में 35.9% वोट पाकर बंबई दक्षिण मध्य सीट जीती और कांबले बी. सी. (RPK) को 26,888 वोटों से हराया।
1980 के नक्शे पर इस सीट की रूपरेखा अनुमानित है: इसे आज की विधान सभा सीटों से, उन्हें उसी तरह जोड़कर दोबारा बनाया गया है जैसे 1976 का परिसीमन आदेश जोड़ता है। वडाला, माहिम, वर्ली, भायखला और मुंबादेवी के हिस्से पड़ोसी सीटों के साथ बँटे हैं; बँटवारे की रेखाएँ आदेश में दिए इलाक़ों के नामों से अनुमानित हैं, क्योंकि 1970 के दशक के वार्डों का कोई नक्शा नहीं मिला।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | भोले आर. आर. | 1,30,23135.9% | |
| 2 | कांबले बी. सी. RPK | RPK | 1,03,34328.5% |
| 3 | वामनराव महाडिक | 91,72625.3% | |
| 4 | धुमे बालकृष्ण शांताराम वाम दल | वाम दल | 21,1555.8% |
| 5 | माने नाना रंगनाथ JNP(S) | JNP(S) | 11,0973.1% |
| 6 | वी. डी. सूज़ा निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3290.6% |
| 7 | तुषार पांडुरंग पवार निर्दलीय | निर्दलीय | 9810.3% |
| 8 | निलय अशोक निर्दलीय | निर्दलीय | 8700.2% |
| 9 | कमला प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 6190.2% |
| 10 | तोरसेकर गणेश वसंत निर्दलीय | निर्दलीय | 5540.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.59 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1967–1984
INC(I) ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1967 से शुरू होता है, यह INC(I) की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1977 के 58.2% से घटकर 52.9% रह गया। इसके बाद 1984 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।