सिकंदराबादलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1989
टी. मानेम्मा (INC) ने 1989 के लोक सभा चुनाव में 53.9% वोट पाकर सिकंदराबाद सीट जीती और पी. बाबुल रेड्डी (JD) को 1,47,601 वोटों से हराया।
1989 के नक्शे पर इस सीट की रूपरेखा अनुमानित है: इसे आज की विधान सभा सीटों से, उन्हें उसी तरह जोड़कर दोबारा बनाया गया है जैसे 1976 का परिसीमन आदेश जोड़ता है। गोशामहल, जुबली हिल्स और सेरिलिंगमपल्ली का दक्षिणी किनारा आदेश की सीमा के आर-पार फैले हैं, और हर एक को पूरा उसी तरफ़ रखा गया है जहाँ उसका ज़्यादातर हिस्सा है।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
23 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | टी. मानेम्मा | 3,48,49153.9% | |
| 2 | पी. बाबुल रेड्डी | 2,00,89031.1% | |
| 3 | मोहम्मद नज़ीरूद्दीन MIM | MIM | 76,72911.9% |
| 4 | किशन राज SOP(L) | SOP(L) | 2,8310.4% |
| 5 | मोहम्मद अफजाल खान निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8200.4% |
| 6 | शेष चारी के. निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4700.4% |
| 7 | निवारती | 1,6470.3% | |
| 8 | एम. विक्रम कुमार MCPI | MCPI | 1,4750.2% |
| 9 | एम. रंगा रेड्डी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4340.2% |
| 10 | तारा किशन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4020.2% |
| 11 | ई.पी.ए. रशीद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0620.2% |
| 12 | आचार्य दया शंकर द्विवेदी निर्दलीय | निर्दलीय | 7620.1% |
| 13 | डी. जगदीश्वर निर्दलीय | निर्दलीय | 6580.1% |
| 14 | आर. सरदार पटेल निर्दलीय | निर्दलीय | 6150.1% |
| 15 | सिकिले डेविड प्रभाकर निर्दलीय | निर्दलीय | 5060.1% |
| 16 | एम. मल्लिकार्जुन निर्दलीय | निर्दलीय | 4590.1% |
| 17 | बी. यादय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 4490.1% |
| 18 | बी. रघुनाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 4140.1% |
| 19 | अमानुल्लाह खान निर्दलीय | निर्दलीय | 4120.1% |
| 20 | सूर्य गुप्ता एस. निर्दलीय | निर्दलीय | 3920.1% |
| 21 | एम. अजहरुद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 3430.1% |
| 22 | रवींद्र DLP | DLP | 2980.1% |
| 23 | आई.एस. स्वामी देवानंद निर्दलीय | निर्दलीय | 1920.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, JD और MIM को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.49 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
पुरानी सीट, जिस पर आख़िरी चुनाव 2004 में हुआ: तब से इसकी सीमाएँ बदल गईं या सीट ख़त्म हो गई, इसलिए आज के ज़िले या राज्य के आँकड़े नहीं दिखाए गए।
यहाँ से कौन जीता, 1962–1999
INC ने 1984 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 49.0% से बढ़कर 53.9% हो गया। यह 1967 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1984 के 59.9% से घटकर 57.9% रह गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1962गोपाल एस. मेलकोटे (INC), जीत का अंतर 25.1%
- 1967बी. ए. मिर्ज़ा (INC), जीत का अंतर 35.2%
- 1971एम. एम. हाशिम (TPS), जीत का अंतर 10.9%
- 1977एम. एम. हाशिम (INC), जीत का अंतर 1.2%
- 1980पी. शिव शंकर (INC(I)), जीत का अंतर 7.6%
- 1984टी. अंजय्या (INC), जीत का अंतर 1.7%
- 1989टी. मानेम्मा (INC), जीत का अंतर 22.8%
- 1991बंडारु दत्तात्रय (BJP), जीत का अंतर 16.1%
- 1996राजेश्वर राव पी.वी. (INC), जीत का अंतर 24.9%
- 1998बंडारु दत्तात्रेय (BJP), जीत का अंतर 20.8%
- 1999बंडारु दत्तात्रय (BJP), जीत का अंतर 10.1%