सिकंदराबादलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1977
एम. एम. हाशिम (INC) ने 1977 के लोक सभा चुनाव में 48.6% वोट पाकर सिकंदराबाद सीट जीती और टी. लक्ष्मी कांतम्मा (JNP) को 3,847 वोटों से हराया।
1977 के नक्शे पर इस सीट की रूपरेखा अनुमानित है: इसे आज की विधान सभा सीटों से, उन्हें उसी तरह जोड़कर दोबारा बनाया गया है जैसे 1976 का परिसीमन आदेश जोड़ता है। गोशामहल, जुबली हिल्स और सेरिलिंगमपल्ली का दक्षिणी किनारा आदेश की सीमा के आर-पार फैले हैं, और हर एक को पूरा उसी तरफ़ रखा गया है जहाँ उसका ज़्यादातर हिस्सा है।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एम. एम. हाशिम | 1,60,23048.6% | |
| 2 | टी. लक्ष्मी कांतम्मा | 1,56,38347.5% | |
| 3 | डी. वी. एस. एस. मूर्ति निर्दलीय | निर्दलीय | 4,6381.4% |
| 4 | के. जोसेफ रेड्डी निर्दलीय | निर्दलीय | 3,2871.0% |
| 5 | वाई. राजेन्द्र बाबू निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9170.9% |
| 6 | एम. सोजी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4130.4% |
| 7 | बी. जी. केसकर | 6640.2% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और JNP को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.16 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
पुरानी सीट, जिस पर आख़िरी चुनाव 2004 में हुआ: तब से इसकी सीमाएँ बदल गईं या सीट ख़त्म हो गई, इसलिए आज के ज़िले या राज्य के आँकड़े नहीं दिखाए गए।
यहाँ से कौन जीता, 1962–1984
INC ने यह सीट TPS से छीन ली, जिसने इसे 1971 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1967 में जीत दर्ज की थी। 1962 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1971 के 43.2% से बढ़कर 54.9% हो गया। इसके बाद 1980 के चुनाव में यह सीट INC(I) ने जीती।