देवगढ़लोक सभा चुनाव का परिणाम, 1984
श्रीबल्लभ पाणिग्रही (INC) ने 1984 के लोक सभा चुनाव में 55.8% वोट पाकर देवगढ़ सीट जीती और प्रसन्न कुमार पंडा (CPI) को 93,522 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | श्रीबल्लभ पाणिग्रही | 2,15,25655.8% | |
| 2 | प्रसन्न कुमार पंडा वाम दल | वाम दल | 1,21,73431.5% |
| 3 | देबेंद्र प्रधान | 27,8627.2% | |
| 4 | प्रफुल्ल चन्द्र साहू निर्दलीय | निर्दलीय | 6,4741.7% |
| 5 | चैतन्य कान्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 4,0141.0% |
| 6 | सूर्य कुमार पाढि निर्दलीय | निर्दलीय | 3,0620.8% |
| 7 | बिष्णु सेन निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9600.8% |
| 8 | प्रबोध कुमार कुजूर निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5890.7% |
| 9 | कसीनाथ नंदा निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0030.5% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, CPI और BJP को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.40 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1984
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 43.4% से बढ़कर 52.7% हो गया।