देवगढ़लोक सभा चुनाव का परिणाम, 1980
नारायण साहू (INC(I)) ने 1980 के लोक सभा चुनाव में 57.9% वोट पाकर देवगढ़ सीट जीती और पतितपावन प्रधान (JNP(S)) को 1,19,804 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नारायण साहू | 1,70,95557.9% | |
| 2 | पतितपावन प्रधान JNP(S) | JNP(S) | 51,15117.3% |
| 3 | पवित्रमोहन प्रधान जनता / लोक दल | जनता / लोक दल | 41,37814.0% |
| 4 | लोकनाथ प्रधान निर्दलीय | निर्दलीय | 8,4392.9% |
| 5 | कुमार दिल्लेश्वर प्रधान निर्दलीय | निर्दलीय | 6,0212.0% |
| 6 | भीमसेन भोई JKD | JKD | 5,7161.9% |
| 7 | सदानंद साहू | 3,3351.1% | |
| 8 | बिष्णु सेन निर्दलीय | निर्दलीय | 2,7260.9% |
| 9 | त्रिभुवन गंगदेब निर्दलीय | निर्दलीय | 2,7180.9% |
| 10 | विनोद कुमार मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8450.6% |
| 11 | पूर्ण चन्द्र पात्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2260.4% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC(I), JNP(S) और JNP को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.59 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1984
INC(I) ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 40.5% से बढ़कर 43.4% हो गया। इसके बाद 1984 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।