कलकत्ता उत्तर पूर्वलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1980
सुनील मैत्र (CPM) ने 1980 के लोक सभा चुनाव में 48.0% वोट पाकर कलकत्ता उत्तर पूर्व सीट जीती और अजीत कुमार पांजा (INC(I)) को 27,069 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुनील मैत्र वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 1,87,95148.0% |
| 2 | अजीत कुमार पांजा | 1,60,88241.0% | |
| 3 | प्रताप चंद्र चंदर जनता / लोक दल | जनता / लोक दल | 32,8318.4% |
| 4 | सुदीप बंद्योपाध्याय | 5,1421.3% | |
| 5 | मुबारक मजदूर निर्दलीय | निर्दलीय | 8790.2% |
| 6 | रितेंद्र नाथ घोष निर्दलीय | निर्दलीय | 8560.2% |
| 7 | मो. नसीम अली आजाद निर्दलीय | निर्दलीय | 8170.2% |
| 8 | सेख नईमुद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 7450.2% |
| 9 | रामेश्वर अगरवाला निर्दलीय | निर्दलीय | 7280.2% |
| 10 | पंचानन मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 6150.2% |
| 11 | करुणा निधान राय निर्दलीय | निर्दलीय | 5180.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM, INC(I) और JNP को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.47 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1984
CPM ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 54.9% से घटकर 53.9% रह गया। इसके बाद 1984 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।