छपरालोक सभा चुनाव का परिणाम, 1971
राम शेखर प्रसाद सिंह (INC) ने 1971 के लोक सभा चुनाव में 42.1% वोट पाकर छपरा सीट जीती और सत्यदेव सिंह (BKD) को 39,170 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम शेखर प्रसाद सिंह | 1,29,13442.1% | |
| 2 | सत्यदेव सिंह | 89,96429.3% | |
| 3 | जनक यादव | 27,0218.8% | |
| 4 | अवधेश कुमार सिंह | 25,4548.3% | |
| 5 | हरि नन्दन प्रसाद यादव | 19,6096.4% | |
| 6 | अमर कुमार पाण्डेय SUC | SUC | 7,0102.3% |
| 7 | मकसूदन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,3741.1% |
| 8 | सबदुल्लाह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4950.5% |
| 9 | राम पूजन प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4550.5% |
| 10 | राम पति दास निर्दलीय | निर्दलीय | 8130.3% |
| 11 | रामेश्वर प्रसाद राजपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 7860.3% |
| 12 | विश्वनाथ सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7740.3% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.54 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1957–1971
1957 से यहाँ हर चुनाव INC ने जीता है: यह लगातार उसकी चौथी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 29.9% से बढ़कर 42.1% हो गया। मतदान प्रतिशत 1967 के 51.5% से घटकर 49.8% रह गया।