कालावड ध्रोलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
जाडेजा चंद्रसिंहजी दीपसिंहजी (निर्दलीय) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 39.5% वोट पाकर कालावड ध्रोल सीट जीती और मकडिया खीमजी आर. (INC) को 161 वोटों से हराया।
विजेता
कालावड ध्रोल का फ़ैसला सिर्फ़ 1.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 161 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जाडेजा चंद्रसिंहजी दीपसिंहजी निर्दलीय | निर्दलीय | 5,99239.5% |
| 2 | मकडिया खीमजी आर. | 5,83138.4% | |
| 3 | वाडी दामजी कडवा SKS | SKS | 3,35722.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
औसत मतदान प्रतिशत (चौदहवाँ), औसत से ज़्यादा नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में सौराष्ट्र की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
सौराष्ट्र के औसत के आसपास (55 सीटों में ऊपर से चौदहवाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, INC और SKS को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.84 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।