राजकोट शहर (उत्तर)विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
शाह चिमनलाल नागरदास (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 50.6% वोट पाकर राजकोट शहर (उत्तर) सीट जीती और जाडेजा चंद्रसिंहजी कालूभा (निर्दलीय) को 2,544 वोटों से हराया।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — शाह चिमनलाल नागरदास 19.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शाह चिमनलाल नागरदास | 6,69550.6% | |
| 2 | जाडेजा चंद्रसिंहजी कालूभा निर्दलीय | निर्दलीय | 4,15131.4% |
| 3 | पोपट गोकल कल्याणजी निर्दलीय | निर्दलीय | 7805.9% |
| 4 | कामदार बलवंत राय यू. निर्दलीय | निर्दलीय | 5464.1% |
| 5 | शाह मोहनलाल उजमशी SP | SP | 5304.0% |
| 6 | शाह रसिकलाल लालूभाई KMPP | KMPP | 3152.4% |
| 7 | कोठारी हरगोविन्द जे. निर्दलीय | निर्दलीय | 1391.1% |
| 8 | शाह नटवरलाल एन. निर्दलीय | निर्दलीय | 740.6% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
कम मतदान प्रतिशत (46वाँ), औसत से ज़्यादा नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में सौराष्ट्र की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
सौराष्ट्र में सबसे कम मतदान वाली सीटों में (55 सीटों में ऊपर से 46वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, एक निर्दलीय और एक निर्दलीय को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.76 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।