समानाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1954
1954 के विधान सभा चुनाव में समाना से 2 सदस्य चुने गए: सुरिंदर नाथ (निर्दलीय) और प्रीतम सिंह (निर्दलीय)।
1954 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 9 भीखी थी।
विजेता
समाना का फ़ैसला सिर्फ़ 0.5% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 283 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुरिंदर नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 13,85323.6% |
| 2 | प्रीतम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 13,66323.2% |
| 3 | भजना लाल | 13,57023.1% | |
| 4 | गुरदयाल सिंह | 12,72321.6% | |
| 5 | जोगिंदर सिंह SAD(RG) | SAD(RG) | 1,3262.3% |
| 6 | रोशन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1481.9% |
| 7 | दलीप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0531.8% |
| 8 | अमर नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 8821.5% |
| 9 | भगवान सरूप निर्दलीय | निर्दलीय | 6121.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
कम मतदान प्रतिशत (47वाँ), औसत से ज़्यादा नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में पटियाला और पूर्वी पंजाब राज्य संघ की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
पटियाला और पूर्वी पंजाब राज्य संघ में सबसे कम मतदान वाली सीटों में (48 सीटों में ऊपर से 47वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.74 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।