पटियाला शहरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1954
मनमोहन कौर (SAD(MG)) ने 1954 के विधान सभा चुनाव में 49.7% वोट पाकर पटियाला शहर सीट जीती और पूरन चन्द (INC) को 1,048 वोटों से हराया।
1954 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 7 मानसा थी।
विजेता
6.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मनमोहन कौर SAD(MG) | SAD(MG) | 8,75649.7% |
| 2 | पूरन चन्द | 7,70843.8% | |
| 3 | सिरी चन्द | 8284.7% | |
| 4 | शाम लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 750.4% |
| 5 | सोहिंदर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 570.3% |
| 6 | भगत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 530.3% |
| 7 | जसवंत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 380.2% |
| 8 | ज्ञान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 360.2% |
| 9 | हरि सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 360.2% |
| 10 | तेजा सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 230.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
औसत मतदान प्रतिशत (29वाँ), औसत से ज़्यादा नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में पटियाला और पूर्वी पंजाब राज्य संघ की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
पटियाला और पूर्वी पंजाब राज्य संघ के औसत के आसपास (48 सीटों में ऊपर से 29वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SAD(MG) और INC को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.27 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।