फरीदकोटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1954
हरिंदर सिंह (एच.एच. राजा) (निर्दलीय) ने 1954 के विधान सभा चुनाव में 55.5% वोट पाकर फरीदकोट सीट जीती और प्रीतम सिंह (SAD(MG)) को 7,666 वोटों से हराया।
1954 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 34 भादसों थी।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — हरिंदर सिंह (एच.एच. राजा) 29.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हरिंदर सिंह (एच.एच. राजा) निर्दलीय | निर्दलीय | 14,25755.5% |
| 2 | प्रीतम सिंह SAD(MG) | SAD(MG) | 6,59125.6% |
| 3 | सुन्दर सिंह | 4,63518.0% | |
| 4 | नायब सिंह SAD(RG) | SAD(RG) | 2190.8% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
ऊँचा मतदान प्रतिशत (सातवाँ), सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में पटियाला और पूर्वी पंजाब राज्य संघ की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
पटियाला और पूर्वी पंजाब राज्य संघ में सबसे ज़्यादा मतदान वाली सीटों में (48 सीटों में ऊपर से सातवाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, SAD(MG) और INC को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.46 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।