नारनौलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1954
रामसरन चन्द मित्तल (INC) ने 1954 के विधान सभा चुनाव में 49.4% वोट पाकर नारनौल सीट जीती और चन्द्र भान (BJS) को 4,999 वोटों से हराया।
1954 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 28 कंडाघाट थी।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — रामसरन चन्द मित्तल 27.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रामसरन चन्द मित्तल | 9,01649.4% | |
| 2 | चन्द्र भान | 4,01722.0% | |
| 3 | राम किशोर निर्दलीय | निर्दलीय | 2,77715.2% |
| 4 | अजुधिया प्रसाद | 7244.0% | |
| 5 | नौ निहाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6393.5% |
| 6 | नेत राम निर्दलीय | निर्दलीय | 6113.4% |
| 7 | तारा चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 3521.9% |
| 8 | बेग राज निर्दलीय | निर्दलीय | 1300.7% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
औसत मतदान प्रतिशत (31वाँ), सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में पटियाला और पूर्वी पंजाब राज्य संघ की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
पटियाला और पूर्वी पंजाब राज्य संघ के औसत के आसपास (48 सीटों में ऊपर से 31वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.13 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।