नरवानाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1954
1954 के विधान सभा चुनाव में नरवाना से 2 सदस्य चुने गए: अलबेल सिंह (निर्दलीय) और फकीरिया (INC)।
1954 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 18 अहमदगढ़ थी।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। अलबेल सिंह 2.0% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अलबेल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 15,16120.4% |
| 2 | फकीरिया | 14,03918.9% | |
| 3 | नेकी राम | 13,63518.3% | |
| 4 | धर्म वीर निर्दलीय | निर्दलीय | 11,63715.6% |
| 5 | नारायण दत्त निर्दलीय | निर्दलीय | 10,10613.6% |
| 6 | भगत राम निर्दलीय | निर्दलीय | 6,9669.4% |
| 7 | रिसाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8953.9% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
औसत मतदान प्रतिशत (23वाँ), औसत से ज़्यादा नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में पटियाला और पूर्वी पंजाब राज्य संघ की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
पटियाला और पूर्वी पंजाब राज्य संघ के औसत के आसपास (48 सीटों में ऊपर से 23वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 73% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.11 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।