अमलोहविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1954
1954 के विधान सभा चुनाव में अमलोह से 2 सदस्य चुने गए: ज्ञान सिंह (निर्दलीय) और मिहान सिंह (निर्दलीय)।
1954 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 10 बुढलाडा बरेटा थी।
विजेता
9.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ज्ञान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 21,80326.6% |
| 2 | मिहान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 19,83824.2% |
| 3 | टहल सिंह | 14,44517.6% | |
| 4 | मोहिंदर सिंह | 14,12017.2% | |
| 5 | भाग सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4,6835.7% |
| 6 | हज़ारा सिंह SAD(RG) | SAD(RG) | 3,5204.3% |
| 7 | उजागर सिंह SAD(RG) | SAD(RG) | 2,3542.9% |
| 8 | हरनेक सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2731.6% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
औसत मतदान प्रतिशत (बीसवाँ), सामान्य अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में पटियाला और पूर्वी पंजाब राज्य संघ की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
पटियाला और पूर्वी पंजाब राज्य संघ के औसत के आसपास (48 सीटों में ऊपर से बीसवाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.10 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।