परसवाड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
दरबूसिंह उइके (GGP) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 26.7% वोट पाकर परसवाड़ा सीट जीती और कंकर मुंजारे (JP) को 1,148 वोटों से हराया।
छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 1998 में सीट नंबर 94 पिलखा थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 94 बहोरीबंद है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
परसवाड़ा का फ़ैसला सिर्फ़ 1.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,148 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दरबूसिंह उइके | 28,62326.7% | |
| 2 | कंकर मुंजारे JP | JP | 27,47525.7% |
| 3 | विश्वेश्वर भगत | 24,90423.3% | |
| 4 | संत नारायण प्रसाद लिल्हारे NDA | NDA | 16,77215.7% |
| 5 | डॉ. एम. आर. गोंडाणे निर्दलीय | निर्दलीय | 3,1643.0% |
| 6 | माखन लाल येडे RSMD | RSMD | 1,8101.7% |
| 7 | इंजी कमलेश अजीत निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5241.4% |
| 8 | कैलाश वैद्य | 1,5111.4% | |
| 9 | गणेश मेरावी (गन्नू भैया) निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2431.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 76% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.59 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।