वारासिवनीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
प्रदीप अमृत लाल जायसवाल (गुड्डा) (INC) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 36.6% वोट पाकर वारासिवनी सीट जीती और डॉ. योगेन्द्र निर्मल (BJP) को 1,086 वोटों से हराया।
छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 1998 में सीट नंबर 90 सूरजपुर थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 90 मानपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
वारासिवनी का फ़ैसला सिर्फ़ 1.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,086 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रदीप अमृत लाल जायसवाल (गुड्डा) | 32,52636.6% | |
| 2 | डॉ. योगेन्द्र निर्मल NDA | NDA | 31,44035.4% |
| 3 | ओमकार सिंह बिसेन | 11,18012.6% | |
| 4 | राजकुमार कावरे | 9,45210.6% | |
| 5 | दामाजी चित्रीव गुरूजी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6521.9% |
| 6 | डॉ. घुसी लाल भगत निर्दलीय | निर्दलीय | 7880.9% |
| 7 | हरिप्रसाद उर्फ | 7050.8% | |
| 8 | माणिक नगपुरे JP | JP | 5000.6% |
| 9 | सूफ़ी विजय बिसेन | 3200.4% | |
| 10 | रमाकांत डोंगरे | 2880.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.48 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।