रतलाम टाउनविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
हिम्मत कोठारी (BJP) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 45.7% वोट पाकर रतलाम टाउन सीट जीती और पारस सकलेचा दादा (INC) को 1,951 वोटों से हराया।
छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 1998 में सीट नंबर 219 चौरई थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 219 रतलाम ग्रामीण है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
रतलाम टाउन का फ़ैसला सिर्फ़ 1.9% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,951 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हिम्मत कोठारी NDA | NDA | 47,89945.7% |
| 2 | पारस सकलेचा दादा | 45,94843.8% | |
| 3 | खान आर. आर. निर्दलीय | निर्दलीय | 7,5747.2% |
| 4 | शैलेन्द्र शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8301.7% |
| 5 | पूनम जान निर्दलीय | निर्दलीय | 6880.7% |
| 6 | मांगी लाल (पटवारी) निर्दलीय | निर्दलीय | 4390.4% |
| 7 | कन्हैया लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3530.3% |
| 8 | बद्री लाल अमरूजी पटेल निर्दलीय | निर्दलीय | 1810.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और एक निर्दलीय को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.46 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।