भीकनगांवविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
धूलसिंह (BJP) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 40.0% वोट पाकर भीकनगांव सीट जीती और सिलदार पटेल (INC) को 8,828 वोटों से हराया।
छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 1998 में सीट नंबर 198 पाटन थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 198 कुक्षी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | धूलसिंह NDA | NDA | 35,63940.0% |
| 2 | सिलदार पटेल | 26,81130.1% | |
| 3 | वेस्ता भाई पटेल | 9,39510.6% | |
| 4 | महेन्द्र सिंह पटेल निर्दलीय | निर्दलीय | 5,2425.9% |
| 5 | लक्ष्मी बाई रामलाल रोमडे निर्दलीय | निर्दलीय | 3,6764.1% |
| 6 | प्रकाश | 3,5884.0% | |
| 7 | अमर सिंह घोसले निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8452.1% |
| 8 | रामा कालू खराडे निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0491.2% |
| 9 | कल सिंह भुरला बरोले | 9651.1% | |
| 10 | लाल सिंह मोटे सिंह पटेल | 8050.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.71 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।