शाहपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
रविन्द्र सुका महाजन (INC) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 43.6% वोट पाकर शाहपुर सीट जीती और रामदास शिवहरे (BJP) को 4,256 वोटों से हराया।
छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 1998 में सीट नंबर 196 जबलपुर मध्य थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 196 सरदारपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। रविन्द्र सुका महाजन 4.2% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रविन्द्र सुका महाजन | 44,54643.6% | |
| 2 | रामदास शिवहरे NDA | NDA | 40,29039.4% |
| 3 | भाई मोहन सिंह जाधव निर्दलीय | निर्दलीय | 6,5586.4% |
| 4 | शकीलखान उस्मानखान निर्दलीय | निर्दलीय | 4,4474.3% |
| 5 | ज्ञानेश्वर चिमणराव मोरे एडवोकेट | 3,1163.0% | |
| 6 | राजू पाटिल निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3042.3% |
| 7 | धनराज डोंगरे | 5380.5% | |
| 8 | डॉ. गोकुल सिंह प्रभुसिंह जाधव | 4690.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और एक निर्दलीय को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.84 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।