तरानाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
ताराचंद गोयल मैकेनिक (BJP) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 51.4% वोट पाकर तराना सीट जीती और बाबूलाल मालवीय (INC) को 12,999 वोटों से हराया।
छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 1998 में सीट नंबर 171 डोंगरगांव थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 171 देवास है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ताराचंद गोयल मैकेनिक NDA | NDA | 51,72951.4% |
| 2 | बाबूलाल मालवीय | 38,73038.5% | |
| 3 | डॉ. भंवर सिंह गंगवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4,1084.1% |
| 4 | मनोहर सोनगरा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7191.7% |
| 5 | बापूलाल मालवीय | 1,6571.6% | |
| 6 | बाबूलाल बोडाना निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4081.4% |
| 7 | जगदीश चन्द्र सोलंकी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3291.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और एक निर्दलीय को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.41 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।