जबलपुर पश्चिमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
बब्बू हरेन्द्र जीत सिंह (BJP) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 59.0% वोट पाकर जबलपुर पश्चिम सीट जीती और संजय यादव (INC) को 32,768 वोटों से हराया।
छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 1998 में सीट नंबर 107 रामपुर थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 107 मण्डला है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बब्बू हरेन्द्र जीत सिंह 23.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बब्बू हरेन्द्र जीत सिंह NDA | NDA | 82,47159.0% |
| 2 | संजय यादव | 49,70335.6% | |
| 3 | भाई थाडेश्वर महावर | 2,4171.7% | |
| 4 | एडवोकेट संदीप सिंह चौहान निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2800.9% |
| 5 | अविनाश दृष्टि | 1,1290.8% | |
| 6 | पं अखिलेश चन्द त्रिपाठी | 9210.7% | |
| 7 | पंकज कुमार अग्रवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 6240.5% |
| 8 | श्रीमती रन्नो सोंधिया | 5920.4% | |
| 9 | डाक्टर मुकेश जायसवाल RSMD | RSMD | 5370.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.10 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।