रघुराजनगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1962
गोविन्द नारायण सिंह (INC) ने 1962 के विधान सभा चुनाव में 46.6% वोट पाकर रघुराजनगर सीट जीती और महेन्द्र सिंह (SOC) को 4,096 वोटों से हराया।
1962 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 में सीट नंबर 46 गरोठ थी। 1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 46 सतना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गोविन्द नारायण सिंह | 14,67046.6% | |
| 2 | महेन्द्र सिंह SOC | SOC | 10,57433.6% |
| 3 | गुरु शासाई शेखर प्रसाद | 1,2854.1% | |
| 4 | राम दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2614.0% |
| 5 | राम बहाेरी | 1,0233.3% | |
| 6 | शिवा पाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0083.2% |
| 7 | साधू RRP | RRP | 9893.1% |
| 8 | जगन्नाथ सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2730.9% |
| 9 | रामा नुज निर्दलीय | निर्दलीय | 2040.7% |
| 10 | बृज नन्दन प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1780.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, SOC और BJS को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.97 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।