इन्दौरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1962
व्यंकटेश, विष्णु द्रविड़ (INC) ने 1962 के विधान सभा चुनाव में 47.5% वोट पाकर इन्दौर सीट जीती और लक्ष्मीशंकर शुक्ला (निर्दलीय) को 4,794 वोटों से हराया।
1962 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 में कोई सीट नंबर 248 नहीं थी। 1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 248 बड़नगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — व्यंकटेश, विष्णु द्रविड़ 18.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | व्यंकटेश, विष्णु द्रविड़ | 12,50647.5% | |
| 2 | लक्ष्मीशंकर शुक्ला निर्दलीय | निर्दलीय | 7,71229.3% |
| 3 | जगन्नाथ भगवान निर्दलीय | निर्दलीय | 4,13515.7% |
| 4 | सुरेंद्रनाथ गणेशीलाल गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 6942.6% |
| 5 | कल्याणसिंह SOC | SOC | 6852.6% |
| 6 | भागचन्द मोतीलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4011.5% |
| 7 | श्रीकिशन चुन्नीलाल | 2050.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, एक निर्दलीय और एक निर्दलीय को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.96 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1977 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1977 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।