छिन्दवाड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1962
विद्यावती विद्याशंकर मेहता (INC) ने 1962 के विधान सभा चुनाव में 39.8% वोट पाकर छिन्दवाड़ा सीट जीती और कुबेर सिंह ओंकार सिंह (BJS) को 5,398 वोटों से हराया।
1962 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 में सीट नंबर 197 मझौली थी। 1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 197 केवलारी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — विद्यावती विद्याशंकर मेहता 23.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | विद्यावती विद्याशंकर मेहता | 9,25239.8% | |
| 2 | कुबेर सिंह ओंकार सिंह | 3,85416.6% | |
| 3 | हरकिशनलाल जगन्नाथ प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2,54110.9% |
| 4 | रूपचन्द नाथुलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1219.1% |
| 5 | सुन्दरलाल दुर्गा प्रसाद | 2,1139.1% | |
| 6 | मदन गोपाल लक्ष्मी प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0528.8% |
| 7 | डालचन्द दयाचंद चरनागर FB | FB | 5382.3% |
| 8 | वामन नारायण REP | REP | 4121.8% |
| 9 | ठा किशन सिंह पदमसिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3701.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 67% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.48 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।