जबलपुर Iविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
1951–52 के विधान सभा चुनाव में जबलपुर I से 2 सदस्य चुने गए: जगदीश नारायण (INC) और मतुआ (INC)।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 88 नोहटा है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — जगदीश नारायण 16.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जगदीश नारायण | 24,94630.8% | |
| 2 | मतुआ | 18,21622.5% | |
| 3 | भवानी प्रसाद SP | SP | 11,90414.7% |
| 4 | परमानन्द SP | SP | 11,72014.5% |
| 5 | द्वारकाप्रसाद मिश्रा BLC | BLC | 4,7185.8% |
| 6 | जमनाप्रसाद KMPP | KMPP | 3,3294.1% |
| 7 | छोटराम निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3712.9% |
| 8 | कृष्ण हरिशंकर शेंद्रे | 1,3751.7% | |
| 9 | देवीदत्त शुक्ला निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2261.5% |
| 10 | रामदास | 8201.0% | |
| 11 | सिस्टीधर | 4540.6% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।