बैहरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
1951–52 के विधान सभा चुनाव में बैहर से 2 सदस्य चुने गए: के. जी. नाईक (INC) और नैनसिंह (INC)।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 66 इंदौर शहर पश्चिम है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — के. जी. नाईक 26.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | के. जी. नाईक | 20,14434.0% | |
| 2 | नैनसिंह | 19,82833.5% | |
| 3 | गोकुलदास निर्दलीय | निर्दलीय | 4,3857.4% |
| 4 | किशनसिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8714.8% |
| 5 | देवदास नन्हू निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8034.7% |
| 6 | मारोतीराव SP | SP | 2,7654.7% |
| 7 | प्रतापसिंघ SP | SP | 2,5634.3% |
| 8 | जितेन्द्रलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9653.3% |
| 9 | शरबतकुमार बाई निर्दलीय | निर्दलीय | 9261.6% |
| 10 | महाबीर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 9221.6% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.10 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।