नरगोड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
रामेश्वर प्रसाद (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 38.1% वोट पाकर नरगोड़ा सीट जीती और मंगत राम (निर्दलीय) को 3,039 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 24 कुरवाई है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — रामेश्वर प्रसाद 20.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रामेश्वर प्रसाद | 5,61938.1% | |
| 2 | मंगत राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2,58017.5% |
| 3 | श्यामापांड निर्दलीय | निर्दलीय | 1,81012.3% |
| 4 | सवाराम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,74311.8% |
| 5 | लखनधर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,70911.6% |
| 6 | गंगाधर | 9136.2% | |
| 7 | शालिग्राम SP | SP | 3782.6% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 68% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.49 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।