तखतपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
चन्द्र भूषण सिंह (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 41.1% वोट पाकर तखतपुर सीट जीती और बापूजी साहिब (RRP) को 4,635 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 23 मुंगावली है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — चन्द्र भूषण सिंह 28.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चन्द्र भूषण सिंह | 6,65241.1% | |
| 2 | बापूजी साहिब RRP | RRP | 2,01712.5% |
| 3 | दुखू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5759.7% |
| 4 | हुकुमचंद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3078.1% |
| 5 | मनराखन लाल SP | SP | 1,2267.6% |
| 6 | देवीदीन कोण्डा निर्दलीय | निर्दलीय | 9976.2% |
| 7 | कन्हैयालाल निर्दलीय | निर्दलीय | 9886.1% |
| 8 | साधुनाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 7874.9% |
| 9 | रामकिशोर पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 6173.8% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 63% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.59 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।