पांढरकवडाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
दत्तात्रय कृष्णराव देशमुख (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 75.0% वोट पाकर पांढरकवडा सीट जीती और मोहनसिंह गिरवरसिंह बैस (SP) को 17,472 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 181 धरमजयगढ़ है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — दत्तात्रय कृष्णराव देशमुख 61.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दत्तात्रय कृष्णराव देशमुख | 21,26475.0% | |
| 2 | मोहनसिंह गिरवरसिंह बैस SP | SP | 3,79213.4% |
| 3 | विठू हरसाजी ठाकरे निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5485.5% |
| 4 | रामचंद्र पांडुरंग टेकाम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3324.7% |
| 5 | त्रिंबकराव कृष्णराव राऊत SKP | SKP | 4281.5% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और SP को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.71 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।