यवतमालविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
ताराचंद शेरमल सुराणा (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 57.0% वोट पाकर यवतमाल सीट जीती और नंदकुमार बलराम अग्रवाल (SP) को 8,077 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 179 सारंगढ़ है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — ताराचंद शेरमल सुराणा 30.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ताराचंद शेरमल सुराणा | 15,30457.0% | |
| 2 | नंदकुमार बलराम अग्रवाल SP | SP | 7,22726.9% |
| 3 | पुरुषोत्तम विठ्ठल देशमुख | 2,91910.9% | |
| 4 | राजाभाऊ बापूजी जमले SKP | SKP | 1,4115.3% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, SP और BJS को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.43 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।