वाशिमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
1951–52 के विधान सभा चुनाव में वाशिम से 2 सदस्य चुने गए: शंकर सदाशिव कुलकर्णी (INC) और मारोती काशीराम कैराडे (INC)।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 168 बिलासपुर है।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। शंकर सदाशिव कुलकर्णी 2.8% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शंकर सदाशिव कुलकर्णी | 26,16723.4% | |
| 2 | मारोती काशीराम कैराडे | 23,91721.4% | |
| 3 | नारायण विठोबा खडसे | 23,07020.6% | |
| 4 | सखाराम हरि अवचट | 16,47514.7% | |
| 5 | रामभाऊ चिंकाजी साल्वे निर्दलीय | निर्दलीय | 7,7807.0% |
| 6 | विश्वनाथ जयराम गुरहालकर SP | SP | 5,7715.2% |
| 7 | शांताबाई विठ्ठल नवालिकर SKP | SKP | 4,5094.0% |
| 8 | दत्तात्रय गोविन्द नाईक निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1922.0% |
| 9 | गंगाराम पांडुरंग राजगुरु निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9721.8% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.73 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।