जांजगीर पामगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
1951–52 के विधान सभा चुनाव में जांजगीर पामगढ़ से 2 सदस्य चुने गए: गनेशराम (INC) और महादेव मुरलीधर (निर्दलीय)।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 15 श्योपुर है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — गनेशराम 15.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गनेशराम | 13,83526.8% | |
| 2 | महादेव मुरलीधर निर्दलीय | निर्दलीय | 7,96415.4% |
| 3 | ज्वालाप्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 5,61510.9% |
| 4 | जगदीशचंद्र तिवारी RRP | RRP | 4,0277.8% |
| 5 | आई. पी. कश्यप KMPP | KMPP | 3,6037.0% |
| 6 | बाबूसिंह SP | SP | 3,5366.8% |
| 7 | बेदराम निर्दलीय | निर्दलीय | 3,2326.3% |
| 8 | गजराजी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5895.0% |
| 9 | रामनारायण SP | SP | 2,0804.0% |
| 10 | बहोरिक निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9833.8% |
| 11 | भिकारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5913.1% |
| 12 | हिरालाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5413.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 53% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 7.43 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1977 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1977 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।