वर्धाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
शांताबाई नारुलकर (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 65.6% वोट पाकर वर्धा सीट जीती और लक्ष्मणसिंग बिंदाप्रसाद यादव (SP) को 13,619 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 147 कोंटा है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — शांताबाई नारुलकर 50.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शांताबाई नारुलकर | 17,63565.6% | |
| 2 | लक्ष्मणसिंग बिंदाप्रसाद यादव SP | SP | 4,01614.9% |
| 3 | मनोहरपंत बालकृष्ण देशपांडे | 2,5349.4% | |
| 4 | सत्यनारायण सखनानंद बजाज KMPP | KMPP | 1,7716.6% |
| 5 | शेषराव बाजीराव जाधव निर्दलीय | निर्दलीय | 7943.0% |
| 6 | भाऊराव जिबलाजी राऊत निर्दलीय | निर्दलीय | 1270.5% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और SP को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.14 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।