तिरोड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
शालिग्राम रामरतन दीक्षित (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 49.1% वोट पाकर तिरोड़ा सीट जीती और गुलाबसिंह जसवंतसिंह गहेरवार (SP) को 3,352 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 131 किरनापुर है।
विजेता
14.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शालिग्राम रामरतन दीक्षित | 11,64449.1% | |
| 2 | गुलाबसिंह जसवंतसिंह गहेरवार SP | SP | 8,29235.0% |
| 3 | बलिराम जोशी चौधरी | 1,8287.7% | |
| 4 | भय्यालाल रामाजी कठाना निर्दलीय | निर्दलीय | 8763.7% |
| 5 | मोतीलाल गंगाराम जरारिया निर्दलीय | निर्दलीय | 8093.4% |
| 6 | मिल्कीराम लालजीराम शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 2441.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, SP और BJS को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.68 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।