हिंगणाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
मोहम्मद अब्दुल्ला खान पठान (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 44.4% वोट पाकर हिंगणा सीट जीती और राजाराम लक्ष्मण महाले (निर्दलीय) को 7,915 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 123 डिण्डोरी है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मोहम्मद अब्दुल्ला खान पठान 27.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मोहम्मद अब्दुल्ला खान पठान | 12,93744.4% | |
| 2 | राजाराम लक्ष्मण महाले निर्दलीय | निर्दलीय | 5,02217.3% |
| 3 | रामसिंह माधोसिंग गौर SP | SP | 4,73116.3% |
| 4 | रघुनाथ बाजीराव निंबालकर निर्दलीय | निर्दलीय | 4,65516.0% |
| 5 | मुरलीधर लक्ष्मणराव वैद्य KMPP | KMPP | 6002.1% |
| 6 | बालकृष्ण नागोजी वैद्य | 5902.0% | |
| 7 | काशीराव देवरामजी कलनावत | 5732.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 78% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.57 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।