मुरारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
पांडविया श्याम लाल (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 30.4% वोट पाकर मुरार सीट जीती और सूर्यदेव शर्मा (HMS) को 195 वोटों से हराया।
विजेता
मुरार का फ़ैसला सिर्फ़ 1.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 195 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पांडविया श्याम लाल | 5,24730.4% | |
| 2 | सूर्यदेव शर्मा | 5,05229.3% | |
| 3 | गोटू सहाय | 3,27519.0% | |
| 4 | नन्नू लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2,45114.2% |
| 5 | भजन लाल SP | SP | 7174.2% |
| 6 | सुमेर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3261.9% |
| 7 | मोहन लाल BBSS | BBSS | 1370.8% |
| 8 | सरमन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 650.4% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
औसत मतदान प्रतिशत (28वाँ), औसत से ज़्यादा नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मध्य भारत की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मध्य भारत के औसत के आसपास (79 सीटों में ऊपर से 28वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 79% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.24 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।