लश्करविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
हर किशोर (HMS) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 38.9% वोट पाकर लश्कर सीट जीती और सुंदराबाई पगिन्स (INC) को 1,497 वोटों से हराया।
विजेता
7.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हर किशोर | 8,05938.9% | |
| 2 | सुंदराबाई पगिन्स | 6,56231.7% | |
| 3 | नारायण राव | 2,97614.4% | |
| 4 | भीकम चन्द SP | SP | 1,1455.5% |
| 5 | चिमाजी राव निर्दलीय | निर्दलीय | 5802.8% |
| 6 | कुंवर सिंह BBSS | BBSS | 4832.3% |
| 7 | जगन प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 4462.1% |
| 8 | नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 3651.8% |
| 9 | पृथीनाथ भार्गव निर्दलीय | निर्दलीय | 950.5% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
ऊँचा मतदान प्रतिशत (पंद्रहवाँ), सामान्य अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मध्य भारत की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मध्य भारत में सबसे ज़्यादा मतदान वाली सीटों में (79 सीटों में ऊपर से पंद्रहवाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.60 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।