करैराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
भगवान दास (HMS) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 40.4% वोट पाकर करैरा सीट जीती और गौतम शर्मा (INC) को 192 वोटों से हराया।
विजेता
करैरा का फ़ैसला सिर्फ़ 1.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 192 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | भगवान दास | 7,45240.4% | |
| 2 | गौतम शर्मा | 7,26039.4% | |
| 3 | नन्द किशोर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4888.1% |
| 4 | धीरज सिंह RRP | RRP | 1,3757.5% |
| 5 | वनमाली निर्दलीय | निर्दलीय | 4532.5% |
| 6 | राधे श्याम KMPP | KMPP | 4132.2% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
औसत मतदान प्रतिशत (सत्रहवाँ), औसत से ज़्यादा नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मध्य भारत की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मध्य भारत के औसत के आसपास (79 सीटों में ऊपर से सत्रहवाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.02 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।