भिलसाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
1951–52 के विधान सभा चुनाव में भिलसा से 2 सदस्य चुने गए: जमुना प्रसाद मुखर्राया (HMS) और चतुर्भुज जाटव (HMS)।
विजेता
भिलसा का फ़ैसला सिर्फ़ 1.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 919 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जमुना प्रसाद मुखर्राया | 13,66925.4% | |
| 2 | राम सहाय | 12,75023.7% | |
| 3 | चतुर्भुज जाटव | 12,45223.2% | |
| 4 | सुन्नू लाल | 10,88920.3% | |
| 5 | केशव शास्त्री RRP | RRP | 1,9993.7% |
| 6 | शेवडे व्यंकटेश | 1,3502.5% | |
| 7 | हीरा खुशाला चमार | 6011.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
औसत मतदान प्रतिशत (46वाँ), औसत से ज़्यादा नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मध्य भारत की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मध्य भारत के औसत के आसपास (79 सीटों में ऊपर से 46वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.59 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।