खातेगांवविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
कैलाश चन्द्र गिरी (HMS) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 36.2% वोट पाकर खातेगांव सीट जीती और मंजुलाबाई गोविन्द राव (INC) को 264 वोटों से हराया।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। कैलाश चन्द्र गिरी 2.6% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कैलाश चन्द्र गिरी | 3,66636.2% | |
| 2 | मंजुलाबाई गोविन्द राव | 3,40233.6% | |
| 3 | अमर सिंह SP | SP | 1,55915.4% |
| 4 | जनार्दन महादेव निर्दलीय | निर्दलीय | 8278.2% |
| 5 | बालचंद गंडा लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 6696.6% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
कम मतदान प्रतिशत (77वाँ), औसत से ज़्यादा नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मध्य भारत की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मध्य भारत में सबसे कम मतदान वाली सीटों में (79 सीटों में ऊपर से 77वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.59 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।