कृष्णगिरिविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1967
पी. एम. एम. गौंडर (INC) ने 1967 के विधान सभा चुनाव में 47.3% वोट पाकर कृष्णगिरि सीट जीती और सी. मन्नियप्पन (DMK) को 185 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 73 सेलम I थी।
विजेता
कृष्णगिरि का फ़ैसला सिर्फ़ 0.4% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 185 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पी. एम. एम. गौंडर | 24,22044.6% | |
| 2 | सी. मन्नियप्पन | 24,03544.3% | |
| 3 | पी. चेट्टी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9375.4% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
कम मतदान प्रतिशत (220वाँ), औसत से ज़्यादा नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मद्रास की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मद्रास में सबसे कम मतदान वाली सीटों में (234 सीटों में ऊपर से 220वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, DMK और एक निर्दलीय को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.51 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।