रानीपेटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1967
ए. जी. साहिब (निर्दलीय) ने 1967 के विधान सभा चुनाव में 45.1% वोट पाकर रानीपेट सीट जीती और एस. के. शरीफ (INC) को 1,058 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 30 आर्काट थी।
विजेता
रानीपेट का फ़ैसला सिर्फ़ 1.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,058 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ए. जी. साहिब निर्दलीय | निर्दलीय | 30,01142.2% |
| 2 | एस. के. शरीफ | 28,95340.7% | |
| 3 | सी. के. गौंडर निर्दलीय | निर्दलीय | 3,6455.1% |
| 4 | वी. सी. केशवन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9362.7% |
| 5 | के. जगन्नाथन निर्दलीय | निर्दलीय | 9891.4% |
| 6 | ए. के. उक्किरापानी निर्दलीय | निर्दलीय | 5480.8% |
| 7 | एस. एस. सुंदररमन निर्दलीय | निर्दलीय | 4060.6% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
औसत मतदान प्रतिशत (103वाँ), औसत से ज़्यादा नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मद्रास की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मद्रास के औसत के आसपास (234 सीटों में ऊपर से 103वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, INC और एक निर्दलीय को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.88 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।