विरालिमलईविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1967
एस.एस. थेथुवंदर (DMK) ने 1967 के विधान सभा चुनाव में 49.6% वोट पाकर विरालिमलई सीट जीती और पी.पी. गौंडर (INC) को 3,934 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 165 तंजावुर थी।
विजेता
6.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एस.एस. थेथुवंदर | 30,28847.1% | |
| 2 | पी.पी. गौंडर | 26,35441.0% | |
| 3 | ए. पेरुमल निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0543.2% |
| 4 | एम.सी. गौंडर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5392.4% |
| 5 | ए.एम. अली निर्दलीय | निर्दलीय | 7871.2% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
कम मतदान प्रतिशत (199वाँ), औसत से ज़्यादा नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मद्रास की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मद्रास में सबसे कम मतदान वाली सीटों में (234 सीटों में ऊपर से 199वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
DMK, INC और एक निर्दलीय को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.56 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।