पेरम्बूरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1957
1957 के विधान सभा चुनाव में पेरम्बूर से 2 सदस्य चुने गए: पक्किरिस्वामी पिल्लई (निर्दलीय) और सथैयावणीमुथु (निर्दलीय)।
1957 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 4 पार्वतीपुरम थी। 1957 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 से सीट नंबर 4 का नाम अब भी पेरम्बूर है, अब नई सीमाओं के साथ।
विजेता
पेरम्बूर का फ़ैसला सिर्फ़ 2.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 2,773 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पक्किरिस्वामी पिल्लई निर्दलीय | निर्दलीय | 34,57924.6% |
| 2 | टी.एस. गोविंदस्वामी | 31,80622.6% | |
| 3 | सथैयावणीमुथु निर्दलीय | निर्दलीय | 27,63819.7% |
| 4 | टी. राजगोपाल | 23,68216.9% | |
| 5 | के.पी. समुंडीश्वरन निर्दलीय | निर्दलीय | 14,91510.6% |
| 6 | गैलापति | 4,2333.0% | |
| 7 | करुप्पन्नन | 3,6982.6% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.22 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1967 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1967 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।