कोयंबटूर Iविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1957
सावित्री षणमुगम (INC) ने 1957 के विधान सभा चुनाव में 44.0% वोट पाकर कोयंबटूर I सीट जीती और बुपथी (CPI) को 10,573 वोटों से हराया।
1957 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 161 तलैवासल थी। 1957 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 से सीट नंबर 161 नागपट्टिनम है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सावित्री षणमुगम 22.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सावित्री षणमुगम | 20,51144.0% | |
| 2 | बुपथी | 9,93821.3% | |
| 3 | के. शिवस्वामी निर्दलीय | निर्दलीय | 7,83416.8% |
| 4 | रसिथाचलम निर्दलीय | निर्दलीय | 3,7748.1% |
| 5 | बाबा निर्दलीय | निर्दलीय | 3,2607.0% |
| 6 | नटेसन निर्दलीय | निर्दलीय | 7151.5% |
| 7 | ए. के. अय्यास्वामी चेट्टियार निर्दलीय | निर्दलीय | 3430.7% |
| 8 | नंजप्पा चेट्टी निर्दलीय | निर्दलीय | 1980.4% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.58 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1967 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1967 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।