उडुमलपेटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1957
एस. टी. सुब्बय्या गौंडर (निर्दलीय) ने 1957 के विधान सभा चुनाव में 33.9% वोट पाकर उडुमलपेट सीट जीती और एन. मौनगुरुस्वामी नायुडु (INC) को 3,718 वोटों से हराया।
1957 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 148 वांडीवाश थी। 1957 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 से सीट नंबर 148 जयंकोंडम है।
विजेता
6.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
ऴ: तमिल और मलयालम की 'ழ' / 'ഴ' ध्वनि (ल और ड़ के बीच की है)
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एस. टी. सुब्बय्या गौंडर निर्दलीय | निर्दलीय | 18,62133.9% |
| 2 | एन. मौनगुरुस्वामी नायुडु | 14,90327.1% | |
| 3 | टी. कंदसामी गौंडर | 11,09320.2% | |
| 4 | के. ए. मतियऴगन निर्दलीय | निर्दलीय | 10,27418.7% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.78 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1967 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1967 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।